भारत में 23 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है किसान दिवस? जानें वजह
23 दिसंबर 1902 को भारत के 5 वे प्रधानमंत्री चोदरी चरण सिंह का जन्म हवा था। ना सिर्फ चोदरी चरण सिंह भारत के प्रधान मंत्री थे बल्कि किसानों के मसीहा भी थे। इसी वजह से 23 दिसंबर को किशन दिवस मनाया जाता हैं। इस दिन किशन दिवस मनाने का ये फैसला साल 2001 में मनाया गया था। किसानों के बारे बहुत बाते की जाती हैं लेकिन बहुत कम ही लोग ऐसे होते हैं जो किसानों के हक के लिए खड़े होते हैं। में अपनी लेखनी से आज किशन दिवस पर एक कहानी प्रस्तुत करने जा रहा हूं। अगर पसंद आए तो नीचे कमेंट करके जरूर बताएं। खुशी का वो दिन "सुनीता मेरी ट्रैक्टर की चावी किधर हैं" अपने चहरे पर खूबसूरत सी उस मुस्कुरूहाट को दबाने की नाकाम कोशिश करते हुवे सूरज ने अपनी पत्नी को आवाज लगाई। "हद लीजिए ना जी आपके चहरे पर ये खुशी कभी कभी ही देखने मिलती हैं।" अपने पति की खुशी से अच्छी तरह से वाकिफ सुनीता ने सूरज देखते हुवे ये शब्द कहे थे। जिसपर जवाब देते हुवे सूरज ने कहा " खुश तो में तब से हु जब से हमारी फसल उगी हैं, इतनी बढ़िया फसल के को सेठ अच्छे पैसे भी तो देगा।" "पिछली बार की तरह इस बार भी उससे कम प...