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Showing posts from April, 2021

पायरीनायिड | what is pyrenoid ?

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 पायरीनायिड हरित लवक कोशिकाओं काही एक प्रकार का अंग है। Pyrenoid शैवालो(alguee) मैं धंसी हुई एक गोल रचना है। कभी-कभी यह शैवालो की सतह पर भी पाई जाती है। वरुण की लवणों में एक या अधिक पायरीनायिड पाए जा सकते हैं। क्लेमेडोमोनस में एक पायरीनायिड पाया जाता है जबकि उदोगोनियम मैं एक से अधिक पायरीनायिड पाए जाते हैं भूरे शैवालो में पायरीनायिड संवृत होते हैं।  पायरी नाइट प्रमुख रूप से स्टार्च के संग्रह केंद्र हैं, लेकिन अन्य संचित खाद्य पदार्थ भी पाए जाते हैं। हरे शैवालो में पायरीनायिड स्टार्च पट्टिकाओ से घिरा रहता है। डायिटम में उत्पलावक्ता प्रदान करने के लिए स्टार्च पट्टिकाओ के स्थान पर लिपिड पाया जाता है। Note- स्टार्च वह पदार्थ होता है जो थोड़ा सा परंतु ज्यादा कठोर भी नहीं होता है। जैसे- आटा । वास्तव में पायरीनायिड मैं एक प्रमुख प्रोटीन के चारों ओर स्टार्च के घेरे होते हैं। कुछ शैवालो में पायरीनायिड जीवन की कुछ अवस्थाओं तक सीमित रहते हैं तथा बाद में विलुप्त हो जाते हैं पायरीनायिड की उत्पत्ति पूर्ववर्ती पायरीनायिड के विभाजन से ही होती है।

cyanophyceae and chlorophyceae in Hindi

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  What is cyanophyceae and chlorophyceae in Hindi सायिनोफाईसी और क्लोरोफाईसी का नाम आपने सुना ही होगा इसको ज्यादातर आपने ट्वेल्थ के बाद कर रहे डिग्री कोर्सेज में जरूर सुना हो । आज हम आपको बताएंगे की सायिनोफाईसी और क्लोरोफाईसी क्या होता है और इन दोनों के बीच क्या अंतर है? सायिनोफाईसी सायिनोफाईसी, शैवालो का एक ग्रुप है। जो इनको पूरी तरह बनाने की शुरुआती अवस्था है। इनकी कुल 150 जातियां और 2500 प्रजातियां पाई जाती हैं। भारत में 98 जातियां और 883 प्रजातियां पाई जाती हैं। सायिनोफाईसी की एक ऐसी इकाई जिसको मिक्सोफाईसी कहते हैं उसे आमतौर पर ब्लू ग्रीन शैवाल के नाम से जाना जाता हैं। क्लोरोफाईसी क्लोरोफाईसी, हरित शैवलो का ही एक रूप है। विशिष्ट रूप से इनको मॉर्फोलॉजी के आधार पर सरचना की जाती है। उदाहरण  chlorophycean CW क्लेड और DO क्लेड है क्योंकि दोनों को ही फ्लैगल्ला की व्यवस्थाथा पर समझाया जाता हैं। सायिनोफाईसी और क्लोरोफाईसी क्लोरोफाईसी सायिनोफाईसी 1- इसमें केवल हरे शैवाल सम्मिलित हैं। 2- इस की कोशिका भित्ति सैलूलोज की बनी होती है। 3- कोशिकाएं यूकै...

कक्षा 12 के बाद किस तरह की नौकरी मिल सकती है। | jobs After 12th

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Jobs after 12th | कक्षा 12 के बाद की नौकरी हममें से ज्यादातर 90% लोग कक्षा 12 के बाद पढ़ाई के साथ साथ नौकरी करने के लिए भी सोचते हैं परंतु उन्हें यह पता नहीं होता कि कक्षा 12 के बाद उन्हें किस तरह की नौकरी मिल सकती है। नीचे हमने आपको वह सभी काम की जानकारी दी है जिस काम को एक 12वी पास विद्यार्थी कर सकता है। जानकारी आपको अगर पसंद आए तो इसको अपने कक्षा के दोस्तों और मित्रों के साथ साझा जरूर करें ताकि उन्हें भी कुछ मदद मिल सके। Tuition teacher after 12th | कक्षा 12 के बाद अध्यापक बन्ना कक्षा 12 के बाद अध्यापक होना एक अच्छा कैरियर भी साबित हो सकता है अगर आप पढ़ाई में बहुत अच्छे हैं और आप चीजों को बहुत अच्छे से दूसरों को समझा सकते हैं तो ट्यूशन टीचर आपके लिए बहुत अच्छा साबित हो सकता है आप शुरुआत में बच्चों को फ्री में पढ़ा कर बहुत सारे बच्चे डून सकते हैं। और फिर जब उनका फर्स्ट सेम का एग्जाम हो जाए और सभी बच्चों के फर्स्ट रम के एग्जामिनेशन बहुत अच्छे जाएं तो उसके बाद आप उन बच्चों से फीस ले सकते हो। Data Entry after 12th | डाटा एंट्री का काम डाटा एंट्री का काम और 12 के बाद बहुत अच्छे तरीके से ...

जानिए बाहरी मार्गदर्शन लेना चाहिए या नहीं लेना चाहिए। आत्मविश्वास confidence भाग 1

 आत्मविश्वास मनुष्य के लिए किसी भी काम में बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि बिना आत्मविश्वास के कोई भी काम नहीं किया जा सकता है उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति किसी काम को आत्मविश्वास के बिना करता है तो उसका नतीजा या तो वह काम पूरा नहीं होता है या उस काम को करने में हमे बहुत निराशा और शायद बेइज्जती का भी सामना करना पड़ सकता है। अगर हमें किसी भी काम को करने में आत्मविश्वास बनाए रखना है। तो आदमी विश्वास के ऊपर बनाई गई इस सीरीज के आपको हर एक पाठ को पढ़ना होगा यह पहला भाग है आप बाकी के अन्य भाग हमारी इस सीरीज में देख सकते हैं अगर आपको इसके अन्य भाग नहीं दिखाई दे रहे हैं तो वह जल्दी ही पब्लिश कर दिए जाएंगे। आत्मविश्वास के इस भाग में आप पढ़ेंगे की बाहरी मार्गदर्शन हमें क्यों लेना चाहिए और क्यों नहीं लेना चाहिए। बाहरी मार्गदर्शन- बहरी मार्गदर्शन वह होता है जिसमें यदि हमें किसी कार्य को करने के लिए हिचकिचाहट या डर लगता है तो उस कार्य को करने से पहले हम किसी अन्य व्यक्ति से सलाह लेते हैं और उससे यह उम्मीद करते हैं कि वह हमें बताएगा कि हमें इस कार्य को करना चाहिए या नहीं और अगर करना चाहिए तो हम आश...